ब्यूरो रिपोर्ट, सिद्धार्थनगर (उत्तर प्रदेश)
24 मई 2026
सिद्धार्थनगर। जनपद के चिल्हिया थाना क्षेत्र में रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज में कार्यरत एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में नहर के पानी में मिला। चौंकाने वाली बात यह है कि शव के ऊपर उसकी बाइक पड़ी हुई थी, जबकि उसका मोबाइल फोन सड़क के किनारे बरामद हुआ। इस रहस्यमयी घटना के बाद मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
ड्यूटी से घर लौट रहा था युवक
मृतक की पहचान चिल्हिया थाना क्षेत्र के धुसरी खुर्द गांव निवासी 26 वर्षीय प्रभु नाथ गौतम के रूप में हुई है। प्रभु नाथ माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज में 'मल्टी परपज हेल्थ वर्कर' के पद पर तैनात थे। परिजनों के अनुसार, शनिवार रात करीब 10 बजे वे मेडिकल कॉलेज से अपनी ड्यूटी खत्म कर बाइक से घर के लिए निकले थे। जब वे देर रात तक घर नहीं पहुंचे, तो परिवार वाले चिंतित हुए, लेकिन उन्हें लगा कि शायद किसी काम से वे कहीं रुक गए होंगे।
नहर में शव, सड़क पर मोबाइल: उठ रहे कई सवाल
रविवार सुबह चिल्हिया और सदर थाना क्षेत्र की सीमा पर स्थित ग्राम कपिया के पास नौगढ़ माइनर नहर में ग्रामीणों ने एक शव देखा। जब लोग पास पहुंचे तो दंग रह गए; पानी में प्रभु नाथ का शव था और उसके ऊपर उनकी बाइक गिरी हुई थी। वहीं, घटनास्थल से कुछ दूरी पर सड़क किनारे उनका मोबाइल फोन सुरक्षित पड़ा मिला।
इस स्थिति को देख ग्रामीणों और परिजनों ने कई गंभीर सवाल उठाए हैं:
- यदि यह एक सामान्य सड़क हादसा था, तो मोबाइल इतनी दूर सड़क किनारे सुरक्षित कैसे मिला?
- मृतक के चेहरे के दोनों तरफ चोट के निशान दिखाई दे रहे थे, जो किसी संघर्ष की ओर इशारा करते हैं।
- स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सुनसान इलाका है और यहाँ पहले भी संदिग्ध गतिविधियां देखी गई हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि रूट के सीसीटीवी फुटेज और मृतक के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की गहन जांच हो।
मृतक के पिता का गंभीर आरोप: "पुलिस ने जबरन अंगूठा लगवाया"
घटना के बाद मौके पर पहुंची चिल्हिया और सदर पुलिस ने शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस दौरान मृतक के पिता जय राम गौतम ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सनसनीखेज आरोप लगाया।
पिता का कहना है कि उनके बेटे की सोची-समझी साजिश के तहत हत्या की गई है, लेकिन चिल्हिया थाने के एक दरोगा ने अपनी तरफ से एक तहरीर (शिकायत पत्र) लिखी और उनसे जबरन अंगूठा लगवा लिया। जय राम गौतम का आरोप है कि उन्हें पढ़कर भी नहीं सुनाया गया कि उस कागज पर क्या लिखा है, और पुलिस इस मामले को महज़ एक 'सड़क हादसा' बताकर दबाने की कोशिश कर रही है।
अविवाहित थे प्रभु नाथ, गाँव में मातम
26 वर्षीय प्रभु नाथ गौतम अभी अविवाहित थे और अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनकी इस संदिग्ध मौत के बाद से धुसरी खुर्द गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
क्षेत्राधिकारी (CO) मयंक द्विवेदी का बयान:
इस पूरे मामले और उपजे विवाद पर क्षेत्राधिकारी मयंक द्विवेदी ने बताया:
"पुलिस टीम घटनास्थल से मिले सभी साक्ष्यों को कब्जे में लेकर हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। मामला पूरी तरह पारदर्शी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो सकेगा। उसी के आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"

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